Add To collaction

लेखनी कहानी -21-Dec-2021 मेरी डायरी

मेरी डायरी
दिनांक - 21/12/21
दिन - मंगलवार

मेरी डायरी में आज अप्रैल की यादों के सफ़र पर चलते है,
मार्च २०२१ बीत चुका था अप्रैल का पहला दिन थोड़ा मन उदास सा था, मेरी बड़ी बुआ की तबीयत थोड़ी जायद बिगड़ गयी थी, मार्च के अंत में ही हॉस्पिटल में एडमिट हुई थी,तबियत बिगड़ती गयी और २ अप्रैल को मेरी बुआ का स्वर्गवास हो गया। घर में उदासी का माहौल था।

अब ४ अप्रैल मेरा जनमदिन था, पर बुआ के जाने से सबका मन उदास था, मुझे भी कुछ अच्छा नहीं लग रहा था तो कुछ खास नहीं हुआ और दिन बीत गया। इस माह मेरी किताब भी आनी थी पब्लिश हो कर तो ३ अप्रैल को पब्लिशर के साथ रात के 9 बजे वीडियो कॉल पे बुक की पीडीएफ बनाई, जो कुछ मुझे लगा मैनें एक बार पूरा पीडीएफ पढ़ कर सब ठीक करवाया और १२ अप्रैल को मेरी किताब ऑनलाइन Amazon.com/in और Notion press में आ गयी थी।

अब मुझे मेरी किताब की हार्डकॉपी का इंतज़ार था, और २५ अप्रैल को मेरी किताब मुझे मिली। अपनी किताब की हार्डकॉपी मिलने पर मैं बहुत खुश थी और मुझसे ज्यादा खुश मेरी माँ थी, किताब आते ही माँ ने उसी दिन मेरी पूरी किताब पढ़ ली।

और जब मैनें अपनी किताब की फ़ोटो fb, insta और व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाया तो मेरे डॉक्टर जिन्होंने मेरा ऑपरेशन किया था, उनका मेरे पास msg आया स्वाती तुमने लिखी है यह किताब, मुझे कहाँ से मिलेगी बताओ मैनें उन्हें amazon का लिंक दे दिया, फिर उन्होंने बुक आर्डर कर मंगवाया, और मेरे एक ओर डॉक्टर जो अभी मेरा ट्रस्टमैंट कर रहे है, उन्होंने भी मेरी किताब मंगवाई मुझसे ज्यादा खुश तो ये लोग थे, मेरी पूरी फैमिली और मेरे डॉक्टर और सबसे ज्यादा खुश मेरी माँ 🥰❤️ इस तरह से अप्रैल भी बीत गया।

अब मेरी डायरी के अगले भाग में मई माह की सफ़र के साथ मिलेगें,तब तक के लिए अलविदा।

🖋️स्वाती चौरसिया
#डायरी
#लेखनी डायरी

   13
8 Comments

PHOENIX

22-Dec-2022 04:42 PM

सब को खुश होना ही था..... खास कर आप की माता उस दिन जरुर ज्यादा खुश होगी।

Reply

Mukesh Duhan

12-Jan-2022 07:26 PM

Nice ji

Reply

Seema Priyadarshini sahay

06-Jan-2022 08:16 PM

बहुत खूबसूरत यादें।

Reply